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सुनन नसाई

नंबर 4844

नंबर 4844किताब 45, नंबर 139
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، عَنْ غَالِبٍ التَّمَّارِ، عَنْ مَسْرُوقِ بْنِ أَوْسٍ، عَنْ أَبِي مُوسَى الأَشْعَرِيِّ، أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الأَصَابِعُ سَوَاءٌ عَشْرًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Musa Al-Asha'ari that the Prophet of Allah said:"Fingers are the same, (the Diyah is) ten (camel)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।