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सुनन नसाई

नंबर 4830

नंबर 4830किताब 45, नंबर 125
أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ مُصَفًّى، قَالاَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ تَطَبَّبَ وَلَمْ يُعْلَمْ مِنْهُ طِبٌّ قَبْلَ ذَلِكَ فَهُوَ ضَامِنٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from'Amrbin shu'aib, from his father that his grandfather said:"the Messenger of Allah said: 'Whoever practices medicine when he is not known for that, he is liable.(Daif)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।