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सुनन नसाई

नंबर 4784

नंबर 4784किताब 45, नंबर 79
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، وَبَهْزُ بْنُ أَسَدٍ، وَعَفَّانُ بْنُ مُسْلِمٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بَكْرٍ الْمُزَنِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَطَاءُ بْنُ أَبِي مَيْمُونَةَ، وَلاَ أَعْلَمُهُ إِلاَّ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ مَا أُتِيَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فِي شَىْءٍ فِيهِ قِصَاصٌ إِلاَّ أَمَرَ فِيهِ بِالْعَفْوِ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:"No case requiring Qisas was ever brought to the Messenger of Allah but he would enjoin pardoning
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।