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सुनन नसाई

नंबर 4783

नंबर 4783किताब 45, नंबर 78
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ، - وَهُوَ ابْنُ بَكْرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْمُزَنِيُّ - عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي مَيْمُونَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ أُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي قِصَاصٍ فَأَمَرَ فِيهِ بِالْعَفْوِ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"A case requiring Qisas was brought to the Messenger of Allah and he enjoined them to pardon
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।