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सुनन नसाई

नंबर 4704

नंबर 4704किताब 44, नंबर 256
أَخْبَرَنَا هِلاَلُ بْنُ بِشْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا صَفْوَانُ بْنُ عِيسَى، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الشُّفْعَةُ فِي كُلِّ مَالٍ لَمْ يُقْسَمْ فَإِذَا وَقَعَتِ الْحُدُودُ وَعُرِفَتِ الطُّرُقُ فَلاَ شُفْعَةَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Salamah that the Messenger of Allah said:"Pre-emption takes effect in all cases where land has not been divided. But if the boundaries have been sent, and the roads lay out, then there is no pre-emption
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।