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सुनन नसाई

नंबर 4703

नंबर 4703किताब 44, नंबर 255
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، قَالَ حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ الْمُعَلِّمُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ الشَّرِيدِ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ رَجُلاً، قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَرْضِي لَيْسَ لأَحَدٍ فِيهَا شَرِكَةٌ وَلاَ قِسْمَةٌ إِلاَّ الْجُوَارَ ‏.‏ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الْجَارُ أَحَقُّ بِسَقَبِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Amr Bin Ash-Sharid, from his father, that a man said:"O Messenger of Allah, not one else has any share in my land, but there are neighbors." He said: "The neighbor has more right to property that is near
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।