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सुनन नसाई

नंबर 4592

नंबर 4592किताब 44, नंबर 144
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ سُوَيْدِ بْنِ قَيْسٍ، قَالَ جَلَبْتُ أَنَا وَمَخْرَفَةُ الْعَبْدِيُّ، بَزًّا مِنْ هَجَرَ فَأَتَانَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَنَحْنُ بِمِنًى وَوَزَّانٌ يَزِنُ بِالأَجْرِ فَاشْتَرَى مِنَّا سَرَاوِيلَ فَقَالَ لِلْوَزَّانِ ‏ "‏ زِنْ وَأَرْجِحْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Suwaid bin Qais said:"Makhrafah Al-Abdi and I brought some cloth from Hajar, and the Messenger of Allah came to us while we were in Mina where there w a man who weighed (goods) in return for payment. He bought some trousers from us, and said to the man who weighed: 'Weigh it, and allow more
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।