सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4591

नंबर 4591किताब 44, नंबर 143
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ مِسْعَرٍ، عَنْ مُحَارِبِ بْنِ دِثَارٍ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قَضَانِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَزَادَنِي ‏.‏
It was narrated that Jabir said:'The Messenger of Allah paid off what he owed me, and gave me more
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।