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सुनन नसाई

नंबर 4556

नंबर 4556किताब 44, नंबर 108
أَخْبَرَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، عَنْ يَحْيَى، - وَهُوَ ابْنُ حَمْزَةَ - قَالَ حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، عَنْ يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَعِيدٍ، قَالَ كُنَّا نَبِيعُ تَمْرَ الْجَمْعِ صَاعَيْنِ بِصَاعٍ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ صَاعَىْ تَمْرٍ بِصَاعٍ وَلاَ صَاعَىْ حِنْطَةٍ بِصَاعٍ وَلاَ دِرْهَمَيْنِ بِدِرْهَمٍ ‏"‏ ‏.‏
Abu Sa' eed said:"We used to sell two Sa s of mixed dates for a Sa but the Prophet said (Do not sell) two Sa s dates for a Sa or two Sa s wheat or a Sa or two Dirhams for a Dirham
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।