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सुनन नसाई

नंबर 4497

नंबर 4497किताब 44, नंबर 49
أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ الْحَكَمِ بْنِ أَعْيَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعَيْبُ بْنُ اللَّيْثِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ كَثِيرِ بْنِ فَرْقَدٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ نَهَى عَنِ النَّجْشِ وَالتَّلَقِّي وَأَنْ يَبِيعَ حَاضِرٌ لِبَادٍ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah that:the Messenger of Allah forbade artificially inflating prices, meeting traders on the way, and for a town-dweller to sell for a desert-dweller." (Sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • Sahih HadithAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।