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सुनन नसाई

नंबर 4433

नंबर 4433किताब 43, नंबर 73
أَخْبَرَنَا يُوسُفُ بْنُ عِيسَى، قَالَ حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ، - وَهُوَ ابْنُ زِيَادِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ - عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَابِسٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَ عَنْ لُحُومِ الأَضَاحِي، قَالَتْ كُنَّا نَخْبَأُ الْكُرَاعَ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم شَهْرًا ثُمَّ يَأْكُلُهُ ‏.‏
It was narrated from 'Abdur'Rahman bin 'Abis that his father said:"I asked 'Aishah about the meat of the sacrificial animals and she said: 'We used to keep the trotters for the Messenger of Allah for a month, then he would eat them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।