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सुनन नसाई

नंबर 4421

नंबर 4421किताब 43, नंबर 61
أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ آدَمَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدَةُ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ فَاطِمَةَ، عَنْ أَسْمَاءَ، قَالَتْ ذَبَحْنَا عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَرَسًا وَنَحْنُ بِالْمَدِينَةِ فَأَكَلْنَاهُ ‏.‏
It was narrated that Asma said:"We slaughtered (naharna) a horse during the time of the Messenger of Allah while we were in Al-Madinah, and we ate it." (Sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।