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सुनन नसाई

नंबर 4420

नंबर 4420किताब 43, नंबर 60
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ فَاطِمَةَ، عَنْ أَسْمَاءَ، قَالَتْ نَحَرْنَا فَرَسًا عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَأَكَلْنَاهُ ‏.‏ وَقَالَ قُتَيْبَةُ فِي حَدِيثِهِ فَأَكَلْنَا لَحْمَهُ ‏.‏ خَالَفَهُ عَبْدَةُ بْنُ سُلَيْمَانَ ‏.‏
It was narrated that Asma said:"We slaughtered (Naharna) a horse during the time of Messenger of Allah and ate it." In his hadith Qutaibah (one of the narrators) said: "And we ate its meat." (Sahih ) 'Abdah bin sulaiman contradicted him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।