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सुनन नसाई

नंबर 4406

नंबर 4406किताब 43, नंबर 46
أَخْبَرَنَا عِيسَى بْنُ أَحْمَدَ الْعَسْقَلاَنِيُّ، - عَسْقَلاَنُ بَلْخٍ - قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ حَدَّثَنِي سُفْيَانُ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، حَدَّثَهُ عَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ الْمُنْذِرِ، عَنْ أَسْمَاءَ بِنْتِ أَبِي بَكْرٍ، قَالَتْ نَحَرْنَا فَرَسًا عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَأَكَلْنَاهُ ‏.‏
It was narrated that Asma bint Abi Bakr said:"We slaughtered (Naharna) a horse during the time of the Messenger of Allah and ate it". (Sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।