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सुनन नसाई

नंबर 4389

नंबर 4389किताब 43, नंबर 29
أَخْبَرَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، فِي حَدِيثِهِ عَنْ يَزِيدَ بْنِ زُرَيْعٍ، عَنِ ابْنِ عَوْنٍ، عَنْ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي بَكْرَةَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ ثُمَّ انْصَرَفَ - كَأَنَّهُ يَعْنِي النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم - يَوْمَ النَّحْرِ إِلَى كَبْشَيْنِ أَمْلَحَيْنِ فَذَبَحَهُمَا وَإِلَى جُذَيْعَةٍ مِنَ الْغَنَمِ فَقَسَمَهَا بَيْنَنَا ‏.‏
It was narrated from 'Adbur-Rahman bin Abi Bakrah that his father said:"Then he" meaning the Prophet on the Day of Sacrifice - "Went toward two Amlah rams and sacrificed them, then (he went toward) a small flock of sheep and distributed them among us." (Sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।