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सुनन नसाई

नंबर 4364

नंबर 4364किताब 43, नंबर 4
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ حُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا دَخَلَتِ الْعَشْرُ فَأَرَادَ أَحَدُكُمْ أَنْ يُضَحِّيَ فَلاَ يَمَسَّ مِنْ شَعْرِهِ وَلاَ مِنْ بَشَرِهِ شَيْئًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Umm Salamah that the Messenger of Allah said:"when the (first) ten (days of Dhul-Jijjah) begin, and one of you wants to offer a sacrifice, let him not remove anything from his hair or skin
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।