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सुनन नसाई

नंबर 4363

नंबर 4363किताब 43, नंबर 3
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا شَرِيكٌ، عَنْ عُثْمَانَ الأَحْلاَفِيِّ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، قَالَ مَنْ أَرَادَ أَنْ يُضَحِّيَ، فَدَخَلَتْ أَيَّامُ الْعَشْرِ فَلاَ يَأْخُذْ مِنْ شَعْرِهِ وَلاَ أَظْفَارِهِ ‏.‏ فَذَكَرْتُهُ لِعِكْرِمَةَ فَقَالَ أَلاَ يَعْتَزِلُ النِّسَاءَ وَالطِّيبَ ‏.‏
It was narrated that Sa'eed bin Al-Musayyab said:"Whoever wants to offer a sacrifice when dhul-Hijjah begins, let him not remove anything from his hair or nails." I (the narrator) mentioned that to 'Ikrimah, and he said: "Should he not also keep away from women and perfume?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAbu Ghuddah
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।