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सुनन नसाई

नंबर 4348

नंबर 4348किताब 42, नंबर 86
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، عَنْ بِشْرٍ، - هُوَ ابْنُ الْمُفَضَّلِ - قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ الْحَكَمِ، عَنْ مَيْمُونِ بْنِ مِهْرَانَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى يَوْمَ خَيْبَرَ عَنْ كُلِّ ذِي مِخْلَبٍ مِنَ الطَّيْرِ وَعَنْ كُلِّ ذِي نَابٍ مِنَ السِّبَاعِ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas that:on the Day of Khaibar, the Prophet of Allah forbade eating any birds with talons and any predators with fangs. (Daif)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Hunting and Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।