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सुनन नसाई

नंबर 4219

नंबर 4219किताब 40, नंबर 8
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَفْصِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ، حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ، - هُوَ ابْنُ طَهْمَانَ - عَنِ الْحَجَّاجِ بْنِ الْحَجَّاجِ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ عَقَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْحَسَنِ وَالْحُسَيْنِ رضى الله عنهما بِكَبْشَيْنِ كَبْشَيْنِ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"The Messenger of Allah offered an 'Aqiqah for Al-Hasan and Al-Husain, may Allah be please with them, two rams for each
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book of al-'Aqiqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।