सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4218

नंबर 4218किताब 40, नंबर 7
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ حَدَّثَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي يَزِيدَ، عَنْ سِبَاعِ بْنِ ثَابِتٍ، عَنْ أُمِّ كُرْزٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ عَنِ الْغُلاَمِ شَاتَانِ وَعَنِ الْجَارِيَةِ شَاةٌ لاَ يَضُرُّكُمْ ذُكْرَانًا كُنَّ أَمْ إِنَاثًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Umma Kurz that the Messenger of Allah said:"For a boy, two sheep, and or a girl, one sheep, and it does not matter if they are male or female
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book of al-'Aqiqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।