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सुनन नसाई

नंबर 4215

नंबर 4215किताब 40, नंबर 4
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَفَّانُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ قَيْسِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ عَطَاءٍ، وَطَاوُسٍ، وَمُجَاهِدٍ، عَنْ أُمِّ كُرْزٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ فِي الْغُلاَمِ شَاتَانِ مُكَافَأَتَانِ وَفِي الْجَارِيَةِ شَاةٌ ‏"‏ ‏.‏
it was narrated from Um Kurz that the Messenger of Allah said:"for a boy two sheep, Mukafaatan (of equal age), and for a girl, one sheep
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book of al-'Aqiqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।