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सुनन नसाई

नंबर 4214

नंबर 4214किताब 40, नंबर 3
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا عَفَّانُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، وَحَبِيبٌ، وَيُونُسُ، وَقَتَادَةُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ سَلْمَانَ بْنِ عَامِرٍ الضَّبِّيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ فِي الْغُلاَمِ عَقِيقَةٌ فَأَهْرِيقُوا عَنْهُ دَمًا وَأَمِيطُوا عَنْهُ الأَذَى ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Salman bin 'Amir Ad-Dabbi that the Messenger of Allah said:"For a boy there shoud be an 'Aqiqah, so shed blood for him, and remove the harm from him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book of al-'Aqiqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।