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सुनन नसाई

नंबर 4194

नंबर 4194किताब 39, नंबर 46
أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي يَعْلَى بْنُ مُسْلِمٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، ‏{‏ يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا أَطِيعُوا اللَّهَ وَأَطِيعُوا الرَّسُولَ ‏}‏ قَالَ نَزَلَتْ فِي عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حُذَافَةَ بْنِ قَيْسِ بْنِ عَدِيٍّ بَعَثَهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي سَرِيَّةٍ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas (concerning the Verse):"O you who believe! Obey Allah and obey the Messenger (Muhammad). That he said: This was revealed concerning 'Abdullah bin Hudhaifah bin Qais bin 'Adiyy, whom the Messenger of Allah appointed in charge of an expedition
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of al-Bay'ah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।