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सुनन नसाई

नंबर 4193

नंबर 4193किताब 39, नंबर 45
أَخْبَرَنَا يُوسُفُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، أَنَّ زِيَادَ بْنَ سَعْدٍ، أَخْبَرَهُ أَنَّ ابْنَ شِهَابٍ أَخْبَرَهُ أَنَّ أَبَا سَلَمَةَ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ أَطَاعَنِي فَقَدْ أَطَاعَ اللَّهَ وَمَنْ عَصَانِي فَقَدْ عَصَى اللَّهَ وَمَنْ أَطَاعَ أَمِيرِي فَقَدْ أَطَاعَنِي وَمَنْ عَصَى أَمِيرِي فَقَدْ عَصَانِي ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah said: 'Whoever obeys me, obeys Allah, and whoever disobeys me, disobeys Allah. Whoever obeys my governor (Amir), he has obeyed me, and whoever disobeys my governor, he has disobeyed me
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of al-Bay'ah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।