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सुनन नसाई

नंबर 4132

नंबर 4132किताब 37, नंबर 167
أَخْبَرَنَا أَبُو عُبَيْدَةَ بْنُ أَبِي السَّفَرِ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، عَنْ قَيْسٍ، قَالَ بَلَغَنِي أَنَّ جَرِيرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ اسْتَنْصِتِ النَّاسَ ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ قَالَ ‏"‏ لاَ أُلْفِيَنَّكُمْ بَعْدَ مَا أَرَى تَرْجِعُونَ بَعْدِي كُفَّارًا يَضْرِبُ بَعْضُكُمْ رِقَابَ بَعْضٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jarir bin 'Abdullah said:"The Messenger of Allah [SAW] said to me: 'Ask the people to be quiet and listen.' Then he said: 'I do not want to see you after I am gone reverting to disbelievers, striking the necks of one another (killing one another)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।