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सुनन नसाई

नंबर 4131

नंबर 4131किताब 37, नंबर 166
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ مُدْرِكٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا زُرْعَةَ بْنَ عَمْرِو بْنِ جَرِيرٍ، عَنْ جَرِيرٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي حَجَّةِ الْوَدَاعِ اسْتَنْصَتَ النَّاسَ قَالَ ‏ "‏ لاَ تَرْجِعُوا بَعْدِي كُفَّارًا يَضْرِبُ بَعْضُكُمْ رِقَابَ بَعْضٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jarir that :During the Farewell Pilgrimage, the Messenger of Allah [SAW] asked the people to be quiet and listen, and said: "Do not revert to disbelievers after I am gone, striking the necks of one another (killing one another)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।