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सुनन नसाई

नंबर 4117

नंबर 4117किताब 37, नंबर 152
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ رِبْعِيٍّ، عَنْ أَبِي بَكْرَةَ، قَالَ إِذَا حَمَلَ الرَّجُلاَنِ الْمُسْلِمَانِ السِّلاَحَ أَحَدُهُمَا عَلَى الآخَرِ فَهُمَا عَلَى جُرُفِ جَهَنَّمَ فَإِذَا قَتَلَ أَحَدُهُمَا الآخَرَ فَهُمَا فِي النَّارِ ‏.‏
It was narrated that Abu Bakrah said:"If two Muslim men bear weapons against each other, then they are both on the brink of Hell. And if one of them kills the other, they will both be in Hell
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MuqufAbu Ghuddah
  • Sahih MuqufAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।