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सुनन नसाई

नंबर 4116

नंबर 4116किताब 37, नंबर 151
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، عَنْ شُعْبَةَ، قَالَ أَخْبَرَنِي مَنْصُورٌ، قَالَ سَمِعْتُ رِبْعِيًّا، يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي بَكْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا أَشَارَ الْمُسْلِمُ عَلَى أَخِيهِ الْمُسْلِمِ بِالسِّلاَحِ فَهُمَا عَلَى جُرُفِ جَهَنَّمَ فَإِذَا قَتَلَهُ خَرَّا جَمِيعًا فِيهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Bakrah said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'If a Muslim points a weapon at his fellow Muslim, then they are on the brink of Hell, and if he kills him, then they will both fall into it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।