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सुनन नसाई

नंबर 4086

नंबर 4086किताब 37, नंबर 121
أَخْبَرَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ فَضَالَةَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ النَّيْسَابُورِيُّ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو الأَسْوَدِ، مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ قُتِلَ دُونَ مَالِهِ مَظْلُومًا فَلَهُ الْجَنَّةُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin 'Amr bin Al-'As that:The Messenger of Allah [SAW] said: "Whoever is killed defending his wealth and is killed unjustly, Paradise will be his
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।