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सुनन नसाई

नंबर 4085

नंबर 4085किताब 37, नंबर 120
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بَزِيعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ الْمُفَضَّلِ، عَنْ أَبِي يُونُسَ الْقُشَيْرِيِّ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ صَفْوَانَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنْ قَاتَلَ دُونَ مَالِهِ فَقُتِلَ فَهُوَ شَهِيدٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin 'Amr said:"I heard the Messenger of Allah [SAW] say: 'Whoever fights to protect his wealth and is killed, he is a martyr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।