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सुनन नसाई

नंबर 4051

नंबर 4051किताब 37, नंबर 86
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، قَالَ أَنْبَأَنَا إِسْرَائِيلُ، عَنْ مُغِيرَةَ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ جَرِيرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ إِذَا أَبَقَ الْعَبْدُ إِلَى أَرْضِ الشِّرْكِ فَلاَ ذِمَّةَ لَهُ ‏.‏
It was narrated that Jarir bin 'Abdullah said:"If a slave runs away to the land of Shirk, there is no protection (or immunity) for him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।