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सुनन नसाई

नंबर 4050

नंबर 4050किताब 37, नंबर 85
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ قُدَامَةَ، عَنْ جَرِيرٍ، عَنْ مُغِيرَةَ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، قَالَ كَانَ جَرِيرٌ يُحَدِّثُ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا أَبَقَ الْعَبْدُ لَمْ تُقْبَلْ لَهُ صَلاَةٌ وَإِنْ مَاتَ مَاتَ كَافِرًا ‏"‏ ‏.‏ وَأَبَقَ غُلاَمٌ لِجَرِيرٍ فَأَخَذَهُ فَضَرَبَ عُنُقَهُ ‏.‏
Jarir used to narrate from the Prophet [SAW]:"If a slave runs away, no Salah will be accepted from him, and if he dies he will die a disbeliever." A slave of Jarir's ran away, and he caught him and struck his neck (killing him)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAbu Ghuddah
  • ShadhAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।