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सुनन नसाई

नंबर 4018

नंबर 4018किताब 37, नंबर 53
أَخْبَرَنَا هِلاَلُ بْنُ الْعَلاَءِ، قَالَ حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ، قَالَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ غَالِبٍ، قَالَ قَالَتْ عَائِشَةُ يَا عَمَّارُ أَمَا إِنَّكَ تَعْلَمُ أَنَّهُ لاَ يَحِلُّ دَمُ امْرِئٍ إِلاَّ ثَلاَثَةٌ النَّفْسُ بِالنَّفْسِ أَوْ رَجُلٌ زَنَى بَعْدَ مَا أُحْصِنَ وَسَاقَ الْحَدِيثَ ‏.‏
It was narrated that 'Amr bin Ghalib said:"Aishah said: 'O 'Ammar! Do you not know that it is not permissible to shed the blood of a Muslim except in three cases: a life for a life, a man who commits adultery after being married
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAbu Ghuddah
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।