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सुनन नसाई

नंबर 4017

नंबर 4017किताब 37, नंबर 52
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ غَالِبٍ، قَالَ قَالَتْ عَائِشَةُ أَمَا عَلِمْتَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَحِلُّ دَمُ امْرِئٍ مُسْلِمٍ إِلاَّ رَجُلٌ زَنَى بَعْدَ إِحْصَانِهِ أَوْ كَفَرَ بَعْدَ إِسْلاَمِهِ أَوِ النَّفْسُ بِالنَّفْسِ ‏"‏ ‏.‏ وَقَّفَهُ زُهَيْرٌ ‏.‏
It was narrated that 'Amr bin Ghalib said:"Aishah said: 'Do you not know that the Messenger of Allah [SAW] said: It is not permissible to shed the blood of a Muslim, except a man who committed adultery after being married, or one who reverted to Kufr after becoming Muslim, or a life for a life
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।