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सुनन नसाई

नंबर 3992

नंबर 3992किताब 37, नंबर 27
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، عَنْ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سُلَيْمَانَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا وَائِلٍ، يُحَدِّثُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَوَّلُ مَا يُحْكَمُ بَيْنَ النَّاسِ فِي الدِّمَاءِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'The first matter concerning which judgment will be passed among the people will be bloodshed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।