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सुनन नसाई

नंबर 3991

नंबर 3991किताब 37, नंबर 26
أَخْبَرَنَا سَرِيعُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْوَاسِطِيُّ الْخَصِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ يُوسُفَ الأَزْرَقُ، عَنْ شَرِيكٍ، عَنْ عَاصِمٍ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَوَّلُ مَا يُحَاسَبُ بِهِ الْعَبْدُ الصَّلاَةُ وَأَوَّلُ مَا يُقْضَى بَيْنَ النَّاسِ فِي الدِّمَاءِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'The first thing concerning which a person will be brought to account will be the Salah, and the first thing concerning which scores will be settled among the people, will be bloodshed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।