أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْلِمٍ الطُّوسِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا سَيَّارٌ، قَالَ حَدَّثَنَا جَعْفَرٌ، قَالَ حَدَّثَنَا ثَابِتٌ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم " حُبِّبَ إِلَىَّ النِّسَاءُ وَالطِّيبُ وَجُعِلَتْ قُرَّةُ عَيْنِي فِي الصَّلاَةِ " .
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah said: 'Women and perfume have been made dear to me, but my comfort has been provided in prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
Isnaad HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।