सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3939

नंबर 3939किताब 36, नंबर 1
حَدَّثَنِي الشَّيْخُ الإِمَامُ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ النَّسَائِيُّ، قَالَ أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ عِيسَى الْقُومَسِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَفَّانُ بْنُ مُسْلِمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سَلاَّمٌ أَبُو الْمُنْذِرِ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ حُبِّبَ إِلَىَّ مِنَ الدُّنْيَا النِّسَاءُ وَالطِّيبُ وَجُعِلَ قُرَّةُ عَيْنِي فِي الصَّلاَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah said: 'In this world, women and perfume have been made dear to me, and my comfort has been provided in prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of the Kind Treatment of Women

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।