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सुनन नसाई

नंबर 3853

नंबर 3853किताब 35, नंबर 93
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ مَرَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِشَيْخٍ يُهَادَى بَيْنَ اثْنَيْنِ فَقَالَ ‏"‏ مَا بَالُ هَذَا ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا نَذَرَ أَنْ يَمْشِيَ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ إِنَّ اللَّهَ غَنِيٌّ عَنْ تَعْذِيبِ هَذَا نَفْسَهُ مُرْهُ فَلْيَرْكَبْ ‏"‏ ‏.‏ فَأَمَرَهُ أَنْ يَرْكَبَ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah passed by an old man who was being supported between two men and said: 'What is the matter with him?' They said: 'He vowed to walk.' He said: 'Allah has no need for him to torture himself. Tell him to ride.'" So he was told to ride
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।