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सुनन नसाई

नंबर 3852

नंबर 3852किताब 35, नंबर 92
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا حَمَّادُ بْنُ مَسْعَدَةَ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ رَأَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم رَجُلاً يُهَادَى بَيْنَ رَجُلَيْنِ فَقَالَ ‏"‏ مَا هَذَا ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا نَذَرَ أَنْ يَمْشِيَ إِلَى بَيْتِ اللَّهِ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ إِنَّ اللَّهَ غَنِيٌّ عَنْ تَعْذِيبِ هَذَا نَفْسَهُ مُرْهُ فَلْيَرْكَبْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Prophet saw a man being supported by two others and said: 'What is this?' They said: 'He vowed to walk to the House of Allah.' He said: 'Allah has no need for this man to torture himself. Tell him to ride
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।