सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3850

नंबर 3850किताब 35, नंबर 90
أَخْبَرَنِي عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا خَلَفُ بْنُ تَمِيمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا زَائِدَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ زَيْدِ بْنِ جُدْعَانَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ سَمُرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ نَذْرَ فِي مَعْصِيَةٍ وَلاَ فِيمَا لاَ يَمْلِكُ ابْنُ آدَمَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَلِيُّ بْنُ زَيْدٍ ضَعِيفٌ وَهَذَا الْحَدِيثُ خَطَأٌ وَالصَّوَابُ عِمْرَانُ بْنُ حُصَيْنٍ ‏.‏ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ مِنْ وَجْهٍ آخَرَ ‏.‏
It was narrated from 'Abdur-Rahman bin Samurah that the Prophet said:"There is no vow to commit an act of disobedience or with regard to that which the son of Adam does not possess
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।