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सुनन नसाई

नंबर 3849

नंबर 3849किताब 35, नंबर 89
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا هُشَيْمٌ، قَالَ أَنْبَأَنَا مَنْصُورٌ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، قَالَ قَالَ يَعْنِي النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ نَذْرَ لاِبْنِ آدَمَ فِيمَا لاَ يَمْلِكُ وَلاَ فِي مَعْصِيَةِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ ‏"‏ ‏.‏ خَالَفَهُ عَلِيُّ بْنُ زَيْدٍ فَرَوَاهُ عَنِ الْحَسَنِ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ سَمُرَةَ ‏.‏
It was narrated that 'Imran bin Husain said:The Messenger of Allah said: "There is no vow for the son of Adam with regard to that which he does not possess, or to do an act of disobedience to Allah, the Mighty and Sublime." 'Ali bin Zaid contradicted him -for he reported it from Al-Hasan from 'Abdur-Rahman bin Samurah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।