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सुनन नसाई

नंबर 3718

नंबर 3718किताब 33, नंबर 13
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ، عَنِ ابْنِ الْمُبَارَكِ، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْعُمْرَى لِلْوَارِثِ ‏"‏ ‏.‏
Ma'mar narrated from 'Amr bin Dinar, from Tawus, from Zaid bin Thabit, that the Prophet said:"'Umra (a gift given for life) belongs to the heir
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book of ar-Ruqba

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।