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सुनन नसाई

नंबर 3536

नंबर 3536किताब 27, नंबर 150
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَاصِمٌ، عَنْ حَفْصَةَ، عَنْ أُمِّ عَطِيَّةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَحِلُّ لاِمْرَأَةٍ تُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الآخِرِ أَنْ تَحِدَّ عَلَى مَيِّتٍ فَوْقَ ثَلاَثٍ إِلاَّ عَلَى زَوْجٍ وَلاَ تَكْتَحِلُ وَلاَ تَخْتَضِبُ وَلاَ تَلْبَسُ ثَوْبًا مَصْبُوغًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Umm 'Atiyyah that the Prophet said:"It is not permissible for a woman who believes in Allah and the Last Day, to mourn for anyone who dies for more than three days, except for a husband; she should not use kohl, dye nor wear dyed clothes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।