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सुनन नसाई

नंबर 3535

नंबर 3535किताब 27, नंबर 149
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي بُكَيْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ طَهْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنِي بُدَيْلٌ، عَنِ الْحَسَنِ بْنِ مُسْلِمٍ، عَنْ صَفِيَّةَ بِنْتِ شَيْبَةَ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، زَوْجِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْمُتَوَفَّى عَنْهَا زَوْجُهَا لاَ تَلْبَسُ الْمُعَصْفَرَ مِنَ الثِّيَابِ وَلاَ الْمُمَشَّقَةَ وَلاَ تَخْتَضِبُ وَلاَ تَكْتَحِلُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Safiyyah bint Shaibah, from Umm Salamah, the wife of the Prophet, that the Prophet said:"The woman whose husband has died should not wear clothes that are dyed with safflower or red clay, and she should not use dye nor kohl
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।