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सुनन नसाई

नंबर 3385

नंबर 3385किताब 26, नंबर 190
أَخْبَرَنَا يُونُسُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو هَانِئٍ الْخَوْلاَنِيُّ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُبُلِيَّ، يَقُولُ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ فِرَاشٌ لِلرَّجُلِ وَفِرَاشٌ لأَهْلِهِ وَالثَّالِثُ لِلضَّيْفِ وَالرَّابِعُ لِلشَّيْطَانِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jabir bin 'Abdullah that the Messenger of Allah said:"A bed for a man, a bed for his wife, a third for his guest and the fourth is for the Shaitan
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।