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सुनन नसाई

नंबर 3371

नंबर 3371किताब 26, नंबर 176
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالاَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنْ أَشْعَثَ، عَنِ الْحَسَنِ، قَالَ تَزَوَّجَ عَقِيلُ بْنُ أَبِي طَالِبٍ امْرَأَةً مِنْ بَنِي جُشَمٍ فَقِيلَ لَهُ بِالرِّفَاءِ وَالْبَنِينِ ‏.‏ قَالَ قُولُوا كَمَا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ بَارَكَ اللَّهُ فِيكُمْ وَبَارَكَ لَكُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Al-Hasan said:"Aqil bin Abi Talib married a woman from Banu Jusham, and it was said to him: 'May you live in harmony and have many sons.' He said: 'Say what the Messenger of Allah said: Barak Allahu fikum, wa baraka lakum. (May Allah bless you and bestow blessings upon you)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।