सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3290

नंबर 3290किताब 26, नंबर 95
أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ يَعْقُوبَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي مَرْيَمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، أَنَّ جَعْفَرَ بْنَ رَبِيعَةَ، حَدَّثَهُ عَنْ عِرَاكِ بْنِ مَالِكٍ، وَعَبْدِ الرَّحْمَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ نَهَى أَنْ تُنْكَحَ الْمَرْأَةُ عَلَى عَمَّتِهَا أَوْ خَالَتِهَا ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah forbade being married to a woman and her paternal aunt or maternal aunt at the same time
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।