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सुनन नसाई

नंबर 3289

नंबर 3289किताब 26, नंबर 94
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَعْقُوبَ بْنِ عَبْدِ الْوَهَّابِ بْنِ يَحْيَى بْنِ عَبَّادِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ بْنِ الْعَوَّامِ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُلَيْحٍ، عَنْ يُونُسَ، قَالَ ابْنُ شِهَابٍ أَخْبَرَنِي قَبِيصَةُ بْنُ ذُؤَيْبٍ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ يُجْمَعَ بَيْنَ الْمَرْأَةِ وَعَمَّتِهَا وَالْمَرْأَةِ وَخَالَتِهَا ‏.‏
Qabisah bin Dhu'aib said that he heard Abu Hurairah say:"The Messenger of Allah forbade (being married to) a woman and her paternal aunt or to a woman and her maternal aunt at the same time
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।