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सुनन नसाई

नंबर 3250

नंबर 3250किताब 26, नंबर 55
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مَرْحُومٌ، قَالَ حَدَّثَنَا ثَابِتٌ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ امْرَأَةً، عَرَضَتْ نَفْسَهَا عَلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَضَحِكَتِ ابْنَةُ أَنَسٍ فَقَالَتْ مَا كَانَ أَقَلَّ حَيَاءَهَا ‏.‏ فَقَالَ أَنَسٌ هِيَ خَيْرٌ مِنْكِ عَرَضَتْ نَفْسَهَا عَلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
It was narrated from Anas that a woman offered herself in marriage to the Prophet. The daughter of Anas laughed and said:"How little was her modesty." Anas said: "She was better than you; she offered herself in marriage to the Prophet
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।